
किसी से दिल लगाने का अगर कुछ, काम तुम रखना !
उसका ही साथ अपनी जिंदगी के, नाम तुम रखना !!
वफ़ा की मूरतें मिलती नहीं दुनिया में, जरा सुन लो ;
हमारी ही तरह चाहत का, बस इक पैगाम तुम रखना !!
है फकत ये जिंदगी बस चार ही दिन की जनाब, लाख कोशिश करो न भूलने की ये सामान सारा, पर सब यहीं पर छोड़ के एक दिन तो जाना ही है !! - प्रसून 'अंकुर'
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hamari hi tarah chahat ka .bas ik paigam tum rakhana.bahut sunder.
ReplyDeletePrasoon
ReplyDeleteSubhan allah
Kamaal ka likha hai apne !!